brajesh upadhyay

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गुरुवार, 13 मार्च 2014

शारजाह और बांग्लादेश में होंगे आईपीएल मैच

मैच फिक्सिंग को लेकर मचे बबाल के बीच पैसे और ग्लैमर के क्रिकेट टूर्नामेंट आईपीएल के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। टूर्नामेंट के मुकाबले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश और मेजबान इंडिया में खेले जाएंगे। मैच वेन्यू में यूएई में दुबई, शारजाह और अबु धाबी स्टेडियम का नाम शामिल है। अब सवाल यह उठता है कि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) द्वारा इंटरनेशनल मैचों के लिए शारजाह को बायकॉट करने के बाद आईपीएल के लिए क्यों चुना गया? जबकि, फिक्सिंग को लेकर ये मैदान पहले ही काफी कुख्यात हैं। शारजाह यानी फिक्सिंग का स्वर्ग? शारजाह का मैदान जहां अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध रहा है, वहीं इस जगह से सट्टेबाजी के तार भी कई बार जुड़े हैं।
अंपायर को की गई थी 10,000 पाउंड की पेशकश पूर्व इंटरनेशनल अंपायर जॉन होल्डर ने पिछले वर्ष 27 मई को एक खुलासा किया था। उन्होंने यह कहते हुए सनसनी फैला दी थी कि पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच 1993 में शारजाह में खेले गए वनडे मुकाबले में फिक्सिंग के प्रयास किए गए थे। उस मैच के लिए उन्हें एक बुकी ने 10,000 पाउंड देने की पेशकश की थी।
दुबई से जुड़े फिक्सिंग के तार शारजाह ही वह मैदान है जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहम ने एक मुकाबले के दौरान क्रिकेट मैच फिक्स करने का ऑफर दिया था। इस बात के खुलासा होते ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शारजाह, यूएई और सिंगापुर में खेलने से किनारा कर लिया था।
मजहर मजीद खेलता था दुबई से खेल 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ लंदन में खेला गया मैच पाकिस्तान के लिए तूफान लेकर आया था। नो बॉल के चक्कर में पाकिस्तान के तत्कालीन कप्तान सलमान बट्ट, गेंदबाज मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ ऐसे उलझे कि उनका अच्छा खासा क्रिकेट करियर चौपट हो गया। इन खिलाड़ियों ने बाद में खुलासा किया कि फिक्सिंग के तार पाकिस्तान के मजहर मजीद से जुड़ा था। वह दुबई में रहकर पूरा खेल खेलता था।
आईपीएल-6 में तीन खिलाड़ी हुए बैन कनेक्शन दुबई का शिकार भारत भी हुआ। पिछले वर्ष आईपीएल-6 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों पर फिक्सिंग का अरोप लगा। इसमें श्रीसंथ, अंकित और अजित चांदिला के नाम शामिल रहे। चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक और बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद मयप्पन, दारा सिंह के बेटे विंदू का नाम पूरे जोर-शोर से उठा। इन सभी को जेल भी जाना पड़ा। इस मामले का कनेक्शन भी दुबई से जुड़ा बताया गया था। हालांकि किसी नाम का खुलासा नहीं हुआ।
पिछले 14 सालों में सिर्फ दो मैच रिकॉर्ड देखा जाए तो 2000 से पहले प्रतिवर्ष शारजाह में 10-15 मैच खेलने वाली टीम इंडिया ने पिछले 14 साल में केवल दो मुकाबले खेले हैं। अचानक ऐसा क्या हुआ कि आईपीएल के 16 मुकाबले वहां करवाने का फैसला कर लिया, जबकि उसके पास साउथ अफ्रीका को चुनने का ऑफर था।
क्यों नहीं चुना साउथ अफ्रीका को? आईपीएल के पहले संस्करण से ही फिक्सिंग की बात होती रही है। कई मामले भी सामने आए। इसके कारण भारत को अपने कई उभरते खिलाड़ियों को खोना पड़ा। आईपीएल का दूसरा संस्करण दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था। इस बार भी वहां खेल आयोजित करवाया जा सकता था। इसके पीछे प्रमुख कारण बीसीसीआई और साउथ अफ्रीका के अध्यक्ष हारुन लोर्गट के बीच अच्छा संबंध नहीं होना है। इसी कारण भारत ने अपने पिछले टूर के दौरान मैचों में कटौती भी की थी।

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